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कोरोना वायरस के चलते ‘‘छठ पूजा‘‘ के संचालन हेतु दिशा निर्देश जारी

छत्तीसगढ़ | नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु भारत सरकार, राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश/गाईडलाईन/एडवाईजरी जारी किये गये है। एडवाईजरी में कहा गया है कि वर्तमान में जिले में कोरोना पाॅजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना उचित एवं आवश्यक है।

 

लोक आस्था के महापर्व ‘‘छठ पूजा‘‘ के आयोजन को दृष्टिगत रखते हुये निम्नानुसार निर्देश प्रसारित किये जाते हैः-लोक आस्था के महापर्व ‘‘छठ पूजा‘‘ नदियों/तालाबों/स्थलों पर पूजा समापन करने के बजाय अपने-अपने घरों पर ही अध्र्य देने की सलाह दी जाती है। छठ घाटों पर व्यक्ति आयोजनकर्ता अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग लगाकार कराया जायेगा। यदि कोई व्यक्ति छठ घाट/आयोजन स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो ईलाज का संपूर्ण खर्च संबंधित आयोजनकर्ता व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जावेगा। छठ घाट/आयोजन स्थल पर सिर में ‘‘दउरा‘‘ लेकर जाने वाले व्यक्ति अथवा समिति को कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित व्यक्ति एवं आयोजनकर्ता समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जावेगा।

 

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छठ घाट/आयोजन स्थल पर सिर में ‘‘दउरा‘‘ लेकर जाने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर छठ घाट में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी व्यक्ति/समिति की होगी। आयोजन स्थल पर स्थापित किये जाने वाले ‘‘दउरा‘‘ के मध्य 02 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। छठ घाट/आयोजन स्थल पर टेण्ट/पंडाल लगाने पर व्यक्तियों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाए जायेंगे। छठ पूजा स्थलों पर केवल पूजा करने वाले एवं एक परिवार से अधिकतम 02 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। छठ पूजा करने के लिए नदी या तालाब में कमर के नीचे तक जल में प्रवेश करने की अनुमति होगी, अध्र्य के दौरान पानी में डूबकी न लगाये जायें। छठ पर्व मनाने जाने हेतु सामूहिक रूप से जुलूस निकालने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

 

छठ पर्व में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों को नदी/तालाब/स्थल पर शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों व 10 साल से कम उम्र के बच्चों को छठ घाट पर जाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। बुखार से पीड़ित तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को छठ घाट में प्रवेश पूर्णतः रूप प्रतिबंधित होगी। छठ घाट/आयोजन स्थल पर सामूहिक रूप से प्रसाद वितरण, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। आयोजन स्थल पर बेरिकेटिंग सहित छूने योग्य स्थल/वस्तु का समय-समय पर सैनेटाईजेशन आवश्यक रूप से किया जावे।

 

आयोजन स्थल पर पान, गुटखा इत्यादि खाकर थूकना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही साथ साफ-सफाई एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान देना होगा। आयोजन स्थल नदी/तालाब/घाट पर पूजा करते/अध्र्य देते समय फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। आयोजन स्थल पर किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डी.जे. बजाने एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। लोक आस्था के छठ महापर्व के आयोजन हेतु नगर पालिका/नगर पंचायत द्वारा निर्धारित स्थल व समय का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना के लिए संबंधित व्यक्ति/समिति पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। उपरोक्त शर्तो के अतिरिक्त भारत सरकार, राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/गाईडलाईन /एडवाईजरी का पालन करना अनिवार्य होगा तथा उक्त का उल्लंघन करना पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

 

उक्त दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुये पाये जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60, भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 तथा महामारी एक्ट एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों जो लागू हो के अंतर्गत विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जावेगी।

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